बस्ती में लोक सांस्कृतिक उत्सव में छा गये कलाकार

बस्ती। राष्ट्रीय युवा दिवस सप्ताह की कड़ी में नेहरू युवा केन्द्र द्वारा स्वामी विवेकानन्द जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को अटल बिहारी वाजपेई प्रेक्षागृह में लोक सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किये गये। कार्यक्रम में नेहरू युवा केन्द्र के कलाकारोें सहित 11 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रोचक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।

नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा अधिकारी गोपाल भगत ने बताया कि लोक उत्सव में संस्कृति, कला की जो छटा बिखरी उससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये। दीप प्रज्जवलन, स्वागत गीत, सरस्वती वंदना के साथ आरम्भ कार्यक्रम में लोक गीत ‘लाल लाल चुनरी’ नाटक ‘भिक्षावृत्ति’ ‘स्वच्छता का अधिकार’ सामाजिक कुरीतियों पर केन्द्र नाटकों के कलाकार छा गये और सार्थक संदेश दिया।

सदर विधायक दयाराम चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि लोकसंस्कृति में हमारा लोक, उसकी चेतना को सम्बल मिलता है। जो विधायें विलुप्त हो रही है उसे बचाने का भी  दायित्व निभाना होगा।
मुख्य विकास अधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि संस्कृति, सभ्यताओं के संरक्षण का भी दायित्व हमारा है। ऐसे आयोजनों से जन मानस को जीवन की नई दिशा दृष्टि मिलती है। जिला विकास अधिकारी अजीत कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुये कहा कि लोक संस्कृति में जीवन रचा बसा है, इसकी सार्थक अभिव्यक्तियां नवीन ऊर्जा देती है।

नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा अधिकारी गोपाल भगत ने बताया कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में लोक नृत्य में चिलमा बाजार प्रथम, राजकीय कन्या इण्टर कालेज द्वितीय, बेगम खैर इण्टर कालेज तृतीय, लोकगीत में राजकीय कन्या इण्टर कालेज प्रथम, शिव हर्ष किसान पी.जी. कालेज द्वितीय और बेगम खैर के कलाकारों को तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम चरणबद्ध ढंग से 21 जनवरी तक जारी रहेंगे। नुक्कड नाटक में राजकीय कन्या इण्टर कालेज प्रथम, बेगम खैर इण्टर कालेज को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में संस्कार भारती के कलाकारों ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन प्रसंग को जीवन्त किया। सफल कलाकारों को समापन अवसर पर सम्मानित किया जायेगा। निर्णायक मण्डल में डा. अवध नारायण मिश्र, प्रवक्ता जगदम्बा प्रसाद, दुर्गेश कुमार मिश्र शामिल रहे।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से शुभम पंत, ओम प्रकाश मिश्र, अभिषेक पाण्डेय, हर्ष सिंह, अनुभव, आलोक शुक्ल, निलोफर उस्मानी, गजाला, अंजुम प्रवीन, नीलम सिंह, एस. सिंह,  कुलदीप सिंह, अमित शुक्ल, सत्या पाण्डेय, प्रतिमा मिश्रा, श्रुति त्रिपाठी, माधुरी त्रिपाठी, राम लखन मिश्र आदि ने योगदान दिया। संचालन वृजेन्द्रनाथ मिश्र ने किया।

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