हिन्दी को मिले राष्ट्र भाषा का संवैधानिक दर्जा सम्मानित हुये वरिष्ठ साहित्यकार

बस्ती । हिन्दी दिवस के अवसर पर मंगलवार को प्रेमचन्द साहित्य एवं जन कल्याण संस्थान तथा वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति द्वारा कलेक्टेªट परिसर में संगोष्ठी का आयोजन कर वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. राम दल पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी अब विश्व व्यापी हो गई है, उसे तकनीक और साहित्य के स्तर पर युगानुरूप विकसित करना होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 343 में हिन्दी को राज की भाषा कहा गया है उसे राष्ट्र भाषा का संवैधानिक दर्जा मिलना चाहिये। अध्यक्षता करते हुये वरिष्ठ साहित्यकार सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने कहा कि हिन्दी का साहित्य जितना समृद्ध है, तकनीकी लेखन उतना ही कमजोर, हिन्दी के माध्यम से डाक्टर, इंजीनियर बनें यह दायित्व हिन्दी शिक्षा विदो को उठाना होगा।
इस अवसर पर वयोवृद्ध साहित्यकार 88 वर्षीय भद्रसेन सिंह के साथ ही डा. रामदल पाण्डेय, बंधु, डा. वी.के. वर्मा, डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ओम प्रकाश धर द्विवेदी, बटुकनाथ शुक्ल, पं. चन्द्रबली मिश्र को श्रीफल, प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जगदीश प्रसाद पाण्डेय, ओम प्रकाशनाथ मिश्र, विकास शर्मा, भागवत प्रसाद श्रीवास्तव, विनय कुमार श्रीवास्तव, गणेश, पेशकार मिश्र, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, जय प्रकाश गोस्वामी, सामईन फारूकी, लालजी पाण्डेय, श्रीकान्त त्रिपाठी, राजेश मौर्य, दीनानाथ यादव, कृष्ण चन्द्र पाण्डेय, अजमत अली सिद्दीकी के साथ ही अनेक साहित्यकार, समाजसेवी, वरिष्ठजन शामिल रहे।

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